- April 5, 2019
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क्या क्या सहते रहे हो
सरकार कोई हो, मिज़ाज वही हो हथेली पर सरसों, की बात वही हो बिकना आए तो आओ बिको तुम, यह
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- April 5, 2019
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विस्तार मेरे जीवन का
बन संग सखी कब आयी, प्रिये प्रीत प्रभा, होके प्रखर , मन मानस, मणि बन छायी । सुप्त सदा, जो
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- April 5, 2019
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हे नीलकंठ
हे नीलकंठ, योगेश, महेश, हे दिव्यमान, अर्धनारीश्वर, हे त्रिशूलधारी, त्रिलोकिनरेश, हे चंद्रधारी, तुम जो धूधेश्वर, कित् कारण, हो तुम मृत्युंजय,
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- April 5, 2019
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प्रेम परिभाषा के परे
प्रेम परिभाषा के परे रोज देखता हूँ, कभी दबे पाँव आकर, चुपके से मेरी आँखों को अपनी हथेलियों में छिपाकर,
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- April 5, 2019
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पल पल चला
बूँद बूँद पकड़ी, खड़ा हो गया, पँख लगा कर, बड़ा हो गया, प्यास बुझाता, घड़ा हो गया, अंकुर जड़ों पर
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- April 5, 2019
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रंग सर चढ़ कर बोलते हैं
रंग सर चढ़ कर बोलते हैं, कभी गुलाबी करके टटोलते हैं, कभी नीला कर जिस्म घोलते हैं, कभी पीले हो
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- April 5, 2019
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दुनिया के रंग देख, क्यों तू दंग है?
यही तो इस दुनिया का रंग है, इसको देख कर क्यों तू दंग है, कभी चेहरे, कभी दिल पर चढ़ी,
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- April 5, 2019
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गर्भ से जीवन साध लिया
गर्भ से जीवन साध लिया; सृष्टि से सीधा संवाद किया, पीड़ा पराकाष्ठ, जब उभरी, धरती सा संयम बांध लिया;
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- April 5, 2019
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वो फिर से बुलाते हैं हमको
वो फिर से बुलाते हैं हमको.. कुछ मीठे बोलों वाले गाँव, ठंडी नीम की हिलती छाँव, तालाब में बहती चप्पू
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- April 5, 2019
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वो अक्स कहाँ
वो अक्स कहाँ, जो मेरी मुझसे बात करा पाए, वो शख़्स कहाँ, जो बिन बोले कितनी बात बता जाए, पँखों
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- April 5, 2019
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रूबरू हुए, तो पूछेंगे होश से
रूबरू जब भी हुए, तो पूछेंगे होश से, जब भी मिलीं निगाहें, क्यूँ हम बेहोश थे, नशा है ये कैसा
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- April 5, 2019
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थोड़ी मासूमियत बचा के रखें
थोड़ी मासूमियत बचा के रख लीजिए , डाके बहुत अभी पड़ने वाले हैं, धड़कने गिनने का था यह हक़ जिनको,
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